न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में कृषि विभाग की ओर से उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री प्रतिबंधित होने के बावजूद उर्वरक विक्रेताओं द्वारा धड़ल्ले से उर्वरकों की बिक्री की जा रही है। अब कृषि विभाग की ओर से इन उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापे मारे जाएंगे। इन थोक विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी, जोकि बिक्री प्रतिबंधित होने के बाद भी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक उपलब्ध करा रहे हैं।
कृषि विभाग की टीम ने पिछले दिनों विभिन्न स्थानों पर छापे मारे थे और उर्वरकों के नमूने लिए थे। साथ ही दस्तावेजों और पॉस मशीन से उर्वरकों की बिक्री का अवलोकन किया था। कई उर्वरक विक्रेताओं के नमूने जांच में फेल हो गए थे। कई विक्रेताओं के यहां दस्तावेज नहीं मिले थे। विभिन्न कारणों से जिले के 22 उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री को जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने प्रतिबंधित कर दिया था। इन उर्वरक विक्रेताओं की बिक्री प्रतिबंधित होने की सूचना शासन, सभी थोक विक्रेताओं और एजेंसियों को भी दे दी गई थी।
हैरानी की बात यह है कि बिक्री प्रतिबंधित होने के बावजूद ज्यादातर उर्वरक विक्रेता विभिन्न माध्यमों से उर्वरकों की खरीद कर उर्वरकों की खुलेआम बिक्री कर रहे हैं। इसकी सूचना अब कृषि विभाग के अधिकारियों को मिल गई है। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि ऐसे थोक विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो बिक्री प्रतिबंधित होने के बावजूद फुटकर में उर्वरक की आपूर्ति विक्रेताओं को कर रहे हैं।