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हाथरस : गैरहाजिर चल रहीं महिला चिकित्सक, मरीज परेशान

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हाथरस : जिला महिला अस्पताल में खाली पड़ी चर्म रोग विशेषज्ञ की कुर्सी। संवाद - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला महिला अस्पताल में कहने को तो आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों की तैनाती है, लेकिन ड्यूटी पर वही दो-तीन चिकित्सक ही नजर आती हैं। यहां की दो डॉक्टर तो बिना किसी सूचना के ही गैरहाजिर चल रही हैं। अस्पताल में आने वाली महिला मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ का कहना है कि जो दो डॉक्टर गैरहाजिर चल रही हैं, उनमें से एक के वेतन पर रोक लगाते हुए इस संबंध में शासन को पत्र भेजा जा चुका है। रही बात चर्म रोग वाली महिला चिकित्सक की तो उनके वेतन पर भी रोक लगाई गई है। समय सीमा पूरी होने पर उनके खिलाफ भी शासन को पत्र भेजा जाएगा। कहने को तो महिला अस्पताल जिला स्तर का है, लेकिन यहां डॉक्टरों की कमी के कारण महिला रोगियों को सीएचसी जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
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यहां आने वाली महिला रोगियों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में शासन स्तर से चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनल अग्रवाल की तैनाती की गई है। वह अस्पताल में ड्यूटी देने ही नहीं आ रही हैं। इस कारण अस्पताल आने वाले चर्म रोगी के रोगियों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। इनके अलावा लंबे समय से डॉ. शालिनी गुप्ता भी मनमाने तरीके से गैरहाजिर चल रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वह बात कहकर पल्ला झाड़ देते हैं कि इन डॉक्टरों के वेतन पर रोग लगा दी गई है। शासन स्तर से कार्रवाई के लिए भी लिखा जा रहा है। मनमानी करने वाले डॉक्टरों के कारण ड्यूटी करने वाली महिला डॉक्टरों में भी असंतोष पैदा हो रहा है, क्योंकि उन पर दबाव डालकर ड्यूटी करवाई जा रही है। उनकी छुट्टी वाले दिन भी उन्हें ड्यूटी करने के लिए कहा जा रहा है। संवाद
ड्यूटी का रोस्टर जारी करने में हो रही मनमानी
जिला महिला अस्पताल में ड्यूटी के लिए बनाए गए रोस्टर की बात करें तो वह भी मनमाने तरीके से ही बनाया गया है। तभी तो दो डॉक्टर की ड्यूटी को लगातार रात दिन की लगाई गई है, जबकि अलीगढ़ से आने वाली एक डॉक्टर की ड्यूटी केवल दिन में ही लगाई गई है। इसे लेकर विभागीय अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जो दो डॉक्टर गैरहाजिर चल रही हैं, उनमें से एक के वेतन पर रोक लगाते हुए इस संबंध में शासन को पत्र भेजा जा चुका है। रही बात चर्म रोग वाली महिला चिकित्सक की तो उनके वेतन पर भी रोक लगाई गई है। समय सीमा पूरी होने पर उनके खिलाफ भी शासन को पत्र भेजा जाएगा।
-डॉ. एएस वशिष्ठ, सीएमओ
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