न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
बुधवार को स्थानीय बिहारी जी फार्म हाउस में आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर हुंकार भरी। ट्रैक्टर ट्रॉली में सफर करने पर लगाई गई पाबंदी को लेकर उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसान ट्रैक्टर, टैंक और ट्विटर से लड़ाई लड़ेगा। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान ट्रैक्टर से लड़ाई लड़ेगा।
किसान महापंचायत में संयोजक भंवर सिंह के नेतृत्व में 100 मीटर की पगड़ी बांधकर टिकैत का स्वागत किया गया। उन्होंने किसानों के हित, किसान विरोधी नीति और सरकार की वादाखिलाफी को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर सरकार ने किसानों में भय भर दिया है। उसे निकालने की जरूरत है। किसान या तो ट्रैक्टर ट्रॉली में सफर करेगा या फिर सरकार किसानों को फ्री बस उपलब्ध कराएगी। जिस थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर ट्रॉली का चालान होगा, वहां का थानेदार किसानों को आने जाने के लिए मुफ्त बस की व्यवस्था करेगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार दो-दो हाथ के लिए तैयार रहे।
उन्होंने कहा कि किसान का बेटा सीमा पर टैंक चला कर लड़ाई लड़ता है। अब युवा ट्विटर से लड़ाई करना और सीख लें। सरकार की कलम की टक्कर युवा ट्विटर से लेगा। सरकार ने खोखली योजनाओं के नाम पर किसानों को भ्रमित कर रखा है। सरकार को इसका जवाब देना होगा। किसान हर तरह से अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए तैयार है। भाकियू हर वक्त, हर समस्या में किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान के बेटों के साथ यह अच्छा नहीं किया। दादा नौकरी में होगा और पोता रिटायर होकर घर आ जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीते दिनों हुई बारिश के चलते फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बाजरा की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। बाजरा की फसल में केवल भूसा रह गया है। ऐसी स्थिति में सरकार को जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा देना चाहिए। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसान समस्याओं को लेकर सरकार का रुख नरम नहीं हुआ तो 26 नवंबर को भाकियू लखनऊ में सरकार को घेरेगी। संवाद
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालान का रहा भय
राकेश टिकैत को सुनने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र से किसान फॉर्म हाउस पहुंचे। ट्रैक्टर ट्राली के प्रयोग को लेकर किसानों ने चालन का भय भी दिखा। इस कारण किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली बचते हुए खड़े किए।