न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सीएससी के ई मार्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के माध्यम से किसान अपनी फसल को देश के किसी भी प्रांत में सीधे संपर्क कर बेच सकेंगे। शासन स्तर से किसानों को फसल की अच्छी कीमत मुहैया कराने के लिए यह सेवा शुरू की गई है। किसान बिना किसी अतिरिक्त लाइसेंस के अपना उत्पाद विदेशों तक में बेच सकेंगे। सरकार नई सुविधा के जरिये किसानों की फसल और उत्पादन को विदेशों में पहुंचाने का प्रबंध कर रही है। सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के जरिये यह सुविधा किसानों को दी जाएगी। किसानों को फसल बिकने के बाद पैसों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्पाद बिकते ही उनके खाते में पूरा पेमेंट आ जाएगा।
ये रहेगी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
किसानों को सबसे पहले अपने नजदीकी सीएससी पर जाकर ई-मार्ट पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय किसान को उत्पाद की जानकारी, उसका आकार (यानी वजन आदि) देना होगा। साथ ही किस कीमत पर वे अपनी फसल बेचना चाहते हैं, ये भी बताना होता है। जमीन की जानकारी और किसान होने का प्रमाण भी देना होगा। किसान के पास बैंक अकाउंट होना जरूरी है, जिसमें उत्पाद की पेमेंट आएगी। पूरी जानकारी दिए जाने के बाद यह डिटेल ट्रेडर्स और कृषि निर्यातकों को दी जाएगी।
यह है ई-मार्ट प्लेटफॉर्म
ई-मार्ट प्लेटफॉर्म एक खास कारोबारी मंच है, जहां किसानों की फसल के लिए बोली लगाई जाती है। ई-मार्ट प्लेटफार्म पर ट्रेडर्स और एग्री निर्यातक भी मौजूद रहते हैं। उन्हें किसानों के उत्पाद दिखा जाते हैं और इसी आधार पर वे उनके लिए बोली लगाते हैं। असल में ट्रेडर्स और एक्सपोर्टर को किसान द्वारा अपने उत्पाद के लिए मांगी जाने वाली कीमत नहीं बताई जाती। इससे किसानों को फायदा होता है।
किसान ई-मार्ट से किसानों को फायदा होगा। इस योजना का संचालन अनाज मंडी के अधिकारियों और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की ओर से किया जाएगा। केंद्र सरकार की यह योजना किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
-एचएन सिंह, उप कृषि निदेशक कृषि
इस योजना से किसानों को बहुत फायदा होगा। उनकी फसल बिना किसी बिचौलिये के सीधे देश-विदेश में बिकेगी। किसान अपने नजदीकी सीएससी पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
-प्रदीप सिंह, जिला प्रबंधक सीएससी