हाथरस: ओलों और बारिश की मार से जमीन से बाहर निकले आलू।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ओलावृष्टि व बारिश से नष्ट हुई फसल को देख किसान सदमे में है। वहीं कृषि विभाग व प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। आलू व गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान की बात कही जा रही है। वहीं आलू की खुदाई पर ब्रेक लग गया है और कोल्ड स्टोरेजों में भंडारण भी फिलहाल रुक गया है।
पिछले कई दिनों से बारिश व ओलावृष्टि से जनपद के किसानों की फसल मानों नष्ट सी हो गई है। ऐसे में किसान रो रहा है, क्योंकि जिस फसल के आने का इंतजार वह कर रहा था, अब वहीं फसल उसके हाथ से ओलावृष्टि व बारिश के कारण जा रही है। शनिवार की देर शाम को हुई ओलावृष्टि व बारिश से काफी नुकसान हुआ है। जिसे लेकर विभागीय व प्रशासन की टीमें किसानों की फसल में हुए नुकसान का आकलन करने में जुट गई हैं। वहीं बारिश के कारण आलू की खुदाई थम गई है। कोल्ड स्टोरेज भंडारण पर भी फिलहाल ब्रेक लग गया है।
बारिश व ओलावृष्टि से फसल तबाह हो गई है। ऐसे में अगर सरकारी मदद नहीं मिली तो बुरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे। फसल का मुआवजा सरकार को देना चाहिए, क्योंकि हम तो पूरी तरह से फसल पर ही निर्भर हैं। - मूलचंद्र शर्मा, किसान।
आवारा पशुओं से बचाने के लिए दिन रात फसल की रखवाली की और अब तक फसल तैयार हो गई है तो ओलावृष्टि व बारिश ने उसे नष्ट कर दिया है। ऐसे में अब तो बस सरकार से ही कुछ उम्मीद है। - विजेंद्र सिंह, किसान।
हाथरस: सादाबाद में बारिश और ओलावृष्टि के बाद जमे ओलों को दिखाते पीड़ित किसान।- फोटो : SADABAD