न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पिछले 15 दिन से किसान पंजीकरण कराने के बाद मंडी में क्रय केंद्र पर अनाज बेचने के लिए बैठे हुए थे, लेकिन वहां उनका गेहूं नहीं लिया जा रहा है। इससे नाराज किसानों ने कांग्रेसियों के साथ तहसील सदर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मंडी में गेहूं की तौल शुरू कराई गई।
गांव बरामई, पहाड़पुर, पैठगांव, बरवाना, जाऊ, करील, भरतपुर, हड़ैला, धतरोई नगला रति, नगला काशी, बर्द्धवारी, नवीपुर छोटूआ, मोहब्बतपुरा, जटोई, ठूलई और अजरोई सहित कई गांवों के किसान पिछले 15 दिनों से पांच हजार बोरी से अधिक गेहूं लेकर मंडी में बैठे थे। पंजीकरण के बाद भी किसानों का गेहूं नहीं लिया जा रहा था। इसकी जानकरी मिलने पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, पिंटू खटीक, व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विष्णु कुमार, पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष एवं कपिल नरूला, रचित शर्मा, जितेंद्र गौतम एडवोकेट मंडी समिति पहुंचे। वहां कांग्रेसियों ने किसानों के साथ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद किसान तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय के गेट पर जाकर धरने पर बैठ गए। वहां प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी भी की। तदुपरांत कांग्रेस नेताओं की आला अधिकारियों से बात हुई और फिर मंडी समिति में गेहूं की तौल शुरू हुई। धरना-प्रदर्शन में मुरारीलाल, बाबूलाल, शांति स्वरूप, राघवेंद्र सिंह, नंदकिशोर, होडल सिंह, भगवान सिंह, डोरीलाल, होतीलाल, चंद्रवीर, चंद्रपाल शर्मा, इंदल सिंह, श्री कृष्ण सिंह, महेश कुमार, कृष्णवीर, महेश कुमार, गनी मोहम्मद, रामपाल शर्मा, मलखान सिंह, ओम प्रकाश, उमेश पाल, देवेंद्र कुमार, हरि सिंह, बच्चू सिंह आदि थे।