संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
रवि की फसल की बुआई का समय नजदीक आते ही बाजार में खाद की किल्लत शुरू हो गई है। सहकारी समितियों के गोदामों पर भी किसानों को खाद नहीं मिल रही। बाजारों में व्यापारियों ने खाद की जमाखोरी शुरू कर दी है।
ऐसे में किसानों को बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। खाद की किल्लत और कालाबाजारी के विरोध में बृहस्पतिवार को सादाबाद में मुरसान रोड पर किसानों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन से किल्लत और कालाबाजारी को दूर कराने की मांग की।
गौरतलब हो कि आगामी समय में आलू की गढ़ाई और गेहूं की फसल की बुआई होनी है। लिहाजा, किसानों ने बीज व कृषि संबधित सामग्री की खरीदारी शुरू कर दी है। फसल की बुआई के समय सबसे अधिक जरूरत खाद की होती है, लेकिन खाद की किल्लत किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। किसानों को बाजार से ब्लैक में खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि निर्धारित मूल्य से 50 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। किसान नेता और पूर्व विधायक प्रताप चौधरी के अनुज निरंजन सिंह शास्त्री ने बताया कि व्यापारियों ने बाजार में खाद की किल्लत बनाकर रखी है। बाजार और समितियों पर खाद का पूरा स्टॉक हो, इसके लिए प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए।
खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर विराम न लगाया गया तो किसान आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। गोदामों में जमाखारी करने वालों और सरकारी मूल्य से ऊपर खाद की बिक्री करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान संगठन मजबूर होकर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
इस मौके पर वीरेंद्र भगत, शिवकुमार, श्रीपाल सिंह, राकेश, राजवीर, हरि सिंह, लक्ष्मीनारायण, ओमपाल, बच्चू सिंह, जयपाल, श्याम सिंह, संजय चौधरी, चतुर सिंह, मोनवीर सिंह, प्रवीन, पप्पू प्रधान आदि लोग थे।