खुदाई ने बिगाड़ी शहर की सड़कों की सूरत
नगर पालिकाध्यक्ष ने अमृत योजना के तहत हो रहे जल निगम के काम पर उठाए सवाल, शासन को लिखा पत्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अमृत योजना के तहत शहर में की जा रही खुदाई ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है। शहर की कुछ नई बनी सड़कों को भी जेसीबी से खुदवा दिया गया है और इनका समतलीकरण भी नहीं कराया गया है। ऐसे में सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। सबसे खेदजनक पहलू यह है कि जल निगम द्वारा कराए जा रहे इस काम में शासन के निर्देशों का भी पालन नहीं किया जा रहा। इस पर नगर पालिकाध्यक्ष ने सवालिया निशान लगाते हुए अधिकारियों को पत्र लिखा है।
शहर में पिछले डेढ़ साल से अमृत योजना के तहत भूमिगत पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है। शहर की गली, मोहल्ले और बाजारों में पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई कराई जा रही है। इस खुदाई से शहर की सड़कों की हालत खराब हो गई है। शहर का शायद ही ऐसा कोई बाजार हो, जहां की सड़कें इस खुदाई वजह से गड्ढायुक्त नहीं हो गई हों।
जल निगम खुदाई का काम तो करा है, लेकिन उसके बाद महज मलबे को गड्ढों में डलवाकर अपने काम की इतिश्री कर ले रहा है। इन सड़कों का न तो समतलीकरण कराया जा रहा है, न ही फिर से इनकी मरम्मत कराई जा रही है। इसे लेकर नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा ने शासन को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से कहा है कि शहर में पहले ही काफी रास्ते गड्डा युक्त हैं।
नगर पालिका की योजना है कि इन रास्तों को दुरुस्त कराया जाए, लेकिन अब अमृत योजना के तहत तो जल निगम ने पूरे शहर की सड़कों को खुदवा डाला है। ऐसे में वह नई सड़कें बनवाएंगे या फिर इन सड़कों की मरम्मत कराएंगे। नगर पालिका के पास वैसे भी बजट नहीं है। पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि जिस तरह से सड़कों की खुदाई की जा रही है, उससे दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, इसलिए जलनिगम को यह निर्देश दिया जाए कि वह सड़कों की खुदाई करने के बाद सड़कों का सही तरीके से समतलीकरण कराए।