न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं ने ओढ़पुरा बिजली कार्यालय पर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। इस मौके पर सभा हुई। अध्यक्षता अधिशासी अभियंता राजकुमार ने की।
वक्ताओं ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी बिल 2020 के मसौदे पर केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा तीन जुलाई को राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ बैठ की गई थी। 11 प्रांतों व दो केंद्र शासित प्रांतों ने इस बिल का विरोध किया था। विरोध के बाद यह तय हुआ कि इस बिल में संशोधन किया जाएगा। अभी तक डेढ़ माह बाद भी संशोधित प्रारूप को सार्वजनिक नहीं किया गया है। केंद्र सरकार राज्यों पर दबाव डालकर निजीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, जिससे बिजली कर्मियों में रोष है।
वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का प्रयोग आगरा में पूरी तरह विफल हो चुका है। केंद्र सरकार आगामी सत्र में इस बिल को लाने की तैयारी कर रही है। समिति के पदाधिकारियों ने यदि बिल संसद में पारित करने की एकतरफा कोशिश हुई तो आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन में एक्सईएन खानचंद्र, सत्यवीर सिंह, केजी अग्रवाल, पवन वर्मा, कुलदीप श्रीवास्तव, निर्मल वर्मा, विवेक भारती, पंकज चौबे, राजाबाबू सारस्वत, रमेश शर्मा, वीरपाल, गजेंद्र सिंह, आनंद कुमार, वीके पचौरी, विनोद तोमर, अशोक सारस्वत, प्रियरंजन, बच्चन, मनोज जैन, लेखराज, सुरेश, नरेश लोधी, विनोद शर्मा, खुशीलाल, डीके शर्मा, रामेश्वर दयाल आदि कर्मी मौजूद थे।