न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के किसानों पर बिजली विभाग का करोड़ों रुपये का बकाया है। बकाया वसूली के लिए विभागीय अधिकारी रोज किसानों के घर का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन बात नहीं बन रही है। किसानों का कहना है कि आलू की बिक्री होगी तो बकाया जमा कर देंगे। इससे बकाया वसूली का ग्राफ तेजी नहीं पकड़ पा रहा है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में बड़े पैमाने पर आलू का उत्पादन होता है। यहां का टर्नओवर आलू के दामों पर निर्भर करता है। जिले में बिजली विभाग के 18 हजार नलकूप उपभोक्ता है। इनमें काफी उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने आलू को शीतगृह में रख दिया है। अब किसान आलू के दाम बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब आलू का वाजिब दाम मिलेगा तो उसे शीतगृह से निकालकर बेचा जाएगा। माना जा रहा है आलू को शीतगृह रखने के साथ किसान करीब दो माह तक दाम बढ़ने का का इंतजार करेगा। संवाद
शीतगृह वालों ने कर दिया है जमा
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में सौ के करीब शीतगृह केंद्र हैं। इन उपभोक्ताओं ने अपना राजस्व पूरा जमा कर दिया है। विभाग ने बकाया जमा करने का प्रमाण पत्र भी ले लिया है। इस प्रमाण पत्र की मदद शासन स्तर से सहयोग राशि मिलती है।