मिनी स्टेडियम में घास चरते गधे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
लाखों रुपये की लागत से बने मिनी स्टेडियम की स्थिति दिन ब दिन बदतर होती जा रही है। पहले यहां ठेकेदार स्लैब बनाते थे अब यह लोडर वाहनों व ऑटो का स्टैंड बन गया है। दिन भर इसमें गधे चरते नजर आते हैं। यहां आज तक कोई भी खेलकूद प्रतियोगिता नहीं हो सकी है।
बता दें कि नगर के मध्य से गुजरने वाले जीटी रोड के किनारे बने इस स्टेडियम में कभी क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ करते थे। समय के साथ यह बंद हो गये। इसके बाद इसकी दुर्दशा का दौर चालू हो गया। कुछ वर्ष पूर्व इसमें लाखों रुपये लगा कर स्टेडियम को समतल किया गया था। नई चारदीवारी बनाकर सौंदर्यीकरण किया गया।
चारों ओर पौधे लगाए गए। लेकिन रख-रखाव के अभाव में मिनी स्टेडियम पुन: पुरानी दुर्दशा वाली हालत में आ गया है। पहले यहां पालिका के ही ठेकेदारों का कब्जा था। वे नाले के ऊपर पड़ने वाले स्लैब यहां बनाते थे। अमर उजाला में खबर छपने के बाद स्लैब का काम बंद हो गया। स्टेडियम को पुन: ठीक तो नहीं कराया गया उल्टे यह लोडर वाहन व ऑटो का अड्डा बन गया। इसको लेकर कार्यकारी ईओ से बात करने को कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
नई जिम बन कर तैयार
सरकार लगातार खेलों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से खेल मैदान बनवा रही है। जिम खुलवा रही है। मिनी स्टेडियम के बगल में बनी दर्शक दीर्घा के पास एक जिम बन कर तैयार हो गई है। इसका शीघ्र लोकार्पण किया जाएगा।
इस जिम में हर तरह के आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। लोगों को इस बात की चिंता है कि इसका भी हाल मिनी स्टेडियम की तरह न हो जाए। युवाओं ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि योग्य ट्रेनर के अतिरिक्त यहां रख-रखाव के लिए उचित कर्मचारी रखे जाए।