न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरसपरिवहन निगम स्तर से रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन चालक-परिचालक इस नियम का पालन नहीं कर रहे। बिना वर्दी के ड्यूटी पर आ रहे चालक-परिचालकों को लौटाया जा रहा है। इसके बाद भी हाथरस डिपो में कई चालक-परिचालक वर्दी पहनने में झिझक रहे हैं।
परिवहन निगम स्तर से रोडवेज बसों के चालक-परिचालकों के लिए वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन चालक-परिचालक इस नियम का पालन नहीं कर रहे। अब अधिकारियों ने उन पर सख्ती करना शुरू कर दिया है। बिना वर्दी के ड्यूटी पर आ रहे चालक-परिचालकों को लौटाया जा रहा है। मुख्यालय से इनकी वर्दी की निगरानी हो रही है।
उल्लेखनीय है कि निगम स्तर से बीते महीने वर्दी की धनराशि चालक-परिचालकों के खाते में सीधे हस्तांतरित की गई। सभी चालक-परिचालकों को 10 सितंबर तक सिलवाने के बाद वर्दी पहनने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद भी हाथरस डिपो में कई चालक-परिचालक वर्दी पहनने में झिझक रहे हैं।
वर्दी न पहनने वाले चालक-परिचालकों पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) द्वारा पहले 50 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। इसके बाद भी उनकी आदत में सुधार नहीं हुआ है, इसलिए अब इन चालक परिचालकों को डियूटी से लौटाया जा रहा है। एआरएम शशी रानी का कहना है कि वर्दी न पहनकर आने वाले कर्मियों को ड्यूटी पर नहीं भेजा जा रहा। जुर्माने की राशि बढ़ाकर 100 रुपये कर दी गई है। संवाद