पहले गौरव क गिरफ्तार किया गया। गौरव का साथी उदयवीर की तलाश की जा रही थी। सरेंडर प्रार्थना पत्र की जानकारी पर बुधवार को पुलिस ने घेराबंदी भी की, लेकिन वह पुलिस को चकमा देने में सफल रहा।
हाथरस में सादाबाद के मोहल्ला इस्लामनगर में पूर्व सैन्य कर्मी शमसुद्दीन व उनकी पत्नी की हत्या के आरोप में फरार चल रहे उदयवीर ने बुधवार को पुलिस को चकमा देकर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेजा है। प्रकरण में पुलिस महिला सहित चार लोगों को जेल भेज चुकी थी। उदयवीर की तलाश की जा रही थी।
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26 सितंबर की रात को घटना को अंजाम दिया गया था। मृतक की दूसरी पत्नी सीमा ने रविवार देर रात 2:30 बजे बीमारी के बहाने से दरवाजा खुलवाया। हमलावर पीछे-पीछे घर में दाखिल हुए और ऊपर पहुंचते ही पहले शमसुद्दीन व फिर सद्दो बेगम पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात व नकदी लूटकर ले गए थे।
शमसुद्दीन के बड़े भाई शेर मोहम्मद ने अज्ञात में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 30 सितंबर को घटना का पर्दाफाश करते हुए सीमा, गौरव के साथी संजय व चीनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनके पास से लूट के जेवर व नकदी भी बरामद हुई। गौरव व उदयवीर की तलाश की जा रही थी। 2 अक्तूबर को गौरव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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गौरव का साथी उदयवीर निवासी नगला सोहनलाल, सिकंदरा (आगरा) की तलाश की जा रही थी। सरेंडर प्रार्थना पत्र की जानकारी पर बुधवार को पुलिस ने घेराबंदी भी की, लेकिन वह पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। डकैती का माल बरामद न होने के कारण कोर्ट ने बीएनएस की धारा 317(3) में न्यायिक अभिरक्षा में लेने का पर्याप्त आधार नहीं माना। कोर्ट ने केवल डकैती के दौरान हत्या यानी बीएनएस की धारा 310(3) में उदयवीर को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेजा है। सादाबाद पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी।