हाथरस: जिला महिला अस्पताल की इमरजेंसी में खाली़ पड़ी चिकित्सक की कुर्सी।
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जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। यहां पर इमरजेंसी वाले मरीजों को तो रेफर किया ही जाता है, सामान्य मरीजों को भी जिला अस्पताल में इलाज नहीं मिल रहा है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी व जिला प्रशासन के अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
एक तरफ तो प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर गांव-गांव में आरोग्य मेलों का आयोजन कराया जा रहा है, लेकिन वहीं वर्तमान में जिला महिला अस्पताल में पांच डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन अगर ओपीडी और यहां की इमरजेंसी में डॉक्टरों की तैनाती की बात करें तो एक भी डॉक्टर नजर नहीं आती हैं।
शनिवार की दोपहर करीब साढ़े 11 बजे तक अस्पताल की ओपीडी में तो एक भी महिला चिकित्सक थी ही नहीं, यहां पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर भी गैरहाजिर थीं, जबकि यहां पर आई महिला मरीज इधर से उधर भटक रहीं थीं। ऐसे में उन्होंने ने निजी अस्पताल का रास्ता पकड़ा, क्योंकि यहां पर तो स्थिति यह नई नहीं है। पिछले काफी दिनों से ऐसा ही हाल चल रहा है। अगर विभागीय अधिकारियों से इस बारे में जानकारी की जाती है तो वह भी कह देते हैं कि डॉक्टर हैं ही नहीं।
सीएमएस को खुद बैठना चाहिए। इमरजेंसी में जो भी डॉक्टर तैनात होता है तो उसे पूरे समय वहां पर मौजूद रहना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो यह लापरवाही है। इस संबंध में सीएमएस से बात की जाएगी।
-डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ।