न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति की बैठक में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे सर्वेक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई। कोरोना को लेकर सर्वेक्षण टीमों द्वारा की जा रही कार्यवाही पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने नाराजगी जताई।
नोडल अधिकारी ने कहा कि जिले को 41.36 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। आवंटित बजट को चार वर्गों में बांटा गया है, जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं और अन्य कार्यों में व्यय किया जाएगा। समिति द्वारा आवंटित बजट द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। डीएम ने पूर्व में आवंटित बजट के सापेक्ष किए गए व्यय के बारे में जानकारी की। डीएम ने आउटसोर्सिंग के रिक्त पदों के बारे में डीपीएम से जानकारी ली। डीपीएम द्वारा सही जानकारी नहीं दिए जाने पर एडी अलीगढ़ आरके सिंह ने तत्काल डीएम को रिक्त पदों का पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एडी अलीगढ़ ने एमओआईसी मुरसान से अस्पताल में सफाई कर्मचारियों के रूटीन चार्ट एवं तैनात सफाई कर्मचारियों के बारे में जानकारी की। एमओआईसी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाती है और प्रत्येक शिफ्ट में दो कर्मचारी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि सफाई के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। सर्वे के दौरान जो व्यक्ति संदिग्ध मिल रहे हैं, उनका तत्काल सैंपल लेते हुए जांच कराएं। टीमों द्वारा किए जा रहे सर्वे की रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराने एवं पोर्टल पर फीड करने के निर्देश दिए।
सर्वेक्षण टीमों द्वारा की गई कार्यवाही संतोषजनक नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए विधिवत तरीके से कार्य योजना तैयार कर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में लोगों का मूवमेंट अधिक रहता है, जिसके लिए शहरी क्षेत्रों में अधिकतम नमूने लेते हुए जांच कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों पर एक साथ कई संक्रमित मरीज मिलते हैं, उन क्षेत्रों में तत्काल टीम लगाकर नमूने लेते हुए जांच कराना सुनिश्चित करें। जांच में यदि व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसे तत्काल कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराना सुनिश्चित करें।