न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
घनश्याम सिंह
हाथरस। लॉकडाउन के 38 दिन बीत चुके हैं। 38 दिनों में पुलिस ने 645 लोगों का लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 188 में चालान किया। वाहन चेकिंग के दौरान 34 बैरियरों में पर 7.97 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला।
दुनिया में कोविड-19 महामारी पैर पसार चुकी है। इससे बचने के लिए 24 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया, ताकि लोग अपने घरों में रह कर सुरक्षित रहें। लेकिन सही मायने में ऐसा हो नहीं रहा है। ऐसे की लोगों के कारण पुलिस को भी सख्ती दिखानी पड़ रही है। ऐसे ही लोगों के खिलाफ पुलिस ने महामारी अधिनियम की धारा 188 में कार्रवाई की है।
यह है महामारी अधिनियम
कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्रीय सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस कानून के खंड-दो को लागू करने का निर्देश दिया है। महामारी अधिनियम, 1897 की धारा (2) की मुख्य बातें - महामारी अधिनियम 1897 के लागू होने के बाद सरकारी आदेश की अवहेलना अपराध है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर इस अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। इसमें आईपीसी की धारा-118 के तहत मुकदमा दर्ज किए गए। यह कानून अधिकारियों को सुरक्षा भी प्रदान करता है।
लॉकडाउन के दौरान अब तक की गई पुलिस की कार्रवाई
जिलेभर में 34 बैरियरों पर हो रही चेकिंग।
31764 वाहनों को चैक किया गया।
3113 वाहनों का चालान किया।
230 वाहन सीज किए गए।
7.97 लाख रुपये शमन शुल्क वसूला।
171 वाहनों का 188 के तहत चालान किया।
599 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई।
645 अभियुक्तों का 188 में चालान किया।
कोविड-19 को लेकर जिले की सीमाओं पर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। लॉकडाउन का पालन करना सभी के लिए हितकर है। 34 बैरियरों पर लगातार चेकिंग हो रही है। लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की हर दिन की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। सभी से अपील है कि अपने परिवार, मोहल्ले, गांव, प्रदेश व देश हित को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन का पालन करें।
-गौरव बंसवाल, पुलिस अधीक्षक हाथरस।