हाथरस: अपने जिलों में वापसी के इंतजार में स्पोर्ट्स स्टेडियम में बैठे प्रवासी कामगार।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
खेल स्टेडियम में बृहस्पतिवार को राजस्थान से आने वाले प्रवासियों की संख्या में तेजी आने से प्रशासन की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। प्रशासन की ओर से बने शिविरों में लोग धूप से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग तक भूल गए। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। पीने के लिए पानी को टैंकर के आगे लाइन लगी रही। प्रवासी मजदूरों को भोजन के पैकेट भी नहीं मिल सके। यहां तक कि कई अफसर तो मौके पर नहीं मिल सके। इस कारण प्रवासी मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यहां तक गर्मी के कारण बच्चों की तबियत भी बिगड़ गई।
शासन स्तर से राजस्थान से आने वाले प्रवासियों को यूपी के अन्य जिलों में खेल स्टेडियम से रोडवेज बसों के माध्यम से भेजा जा रहा है। यहां तक कि इन प्रवासी मजदूरों को धूप से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मंडलवार टेंट लगाए गए हैं। बृहस्पतिवार को यह सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त दिखीं। एकाएक भारी संख्या में प्रवासी मजदूर बसों के माध्यम से खेल स्टेडियम पहुंच गए। यहां भारी संख्या में मजदूरों के पहुंचने पर प्रशासन की सभी व्यवस्थाएं धरी रह गईं।
यहां तक कि कई जिम्मेदार अफसर तक गैरहाजिर रहे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन तो दूर की बात रही। यहां पर गर्मी से बचने के लोग टेंटों में सिर छुपाने को घुस गए। गर्मी में माकूल व्यवस्था न होने के कारण प्रवासी मजदूरों के बच्चों की तबियत भी बिगड़ गई, जिससे प्रशासन में खलबली मच गई। हालांकि बच्चों के सिर पर पानी डालकर बच्चों को गर्मी से निजात दिलाई। प्रवासी मजदूरों को पर्याप्त मात्रा में भोजन भी उपलब्ध नहीं हो सका।