तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती दहेज हत्या का अभियुक्त
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डाक्टर ने कोर्ट में पेशी को ले जाने वाले आरोपी की हालत खराब होने पर डॉक्टरी परीक्षण न कर उपचार देना शुरू कर दिया। इस खबर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस के आलाधिकारियों ने वास्तविकता जानी तो डॉक्टर का आभार जताया। अगर डॉक्टर जरा सी लापरवाही कर जाते तो आरोपी की जान जाने का अंदेशा था, क्योंकि उसका ब्लड प्रेशर बहुत कम था। अस्पताल में ही कोर्ट की सारी प्रक्रिया पूर्ण की गई। सीजेएम भी अस्पताल आईं।
कोतवाली हाथरस जंक्शन के गांव केशोपुर निवासी दिनेश की पत्नी मनीषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर कर लिया। पुलिस ने पति दिनेश और सास हरदेवी को पहले ही जेल भेज दिया। इस मुकदमे में वांछित ससुर महेंद्र पुत्र वासुदेव को बृहस्पतिवार सुबह पकड़ा और कोर्ट में पेश करने से पूर्व पुलिस उसको स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लेकर आई।
डॉ. पीके श्रीवास्तव ने जांच की तो उसका ब्लड प्रेशर बहुत कम निकला। उसके बाद उपचार शुरू कर दिया। उन्होंने कह दिया की मरीज की जान जाने का खतरा है, इसलिए उपचार दूंगा। पुलिस कर्मियों ने यह खबर अपने उच्चाधिकारियों को दे दी। इसको सुनकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, सीओ सिकंदराराऊ के साथ जंक्शन कोतवाल प्रभारी भी जिला अस्पताल आ गए। बताया गया की कोर्ट से सीजेएम भी जिला अस्पताल आए और कोर्ट की प्रक्रिया पूर्ण की गई। फिलहाल अभियुक्त का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कोतवाली हाथरस जंक्शन प्रभारी रितेश कुमार ने बताया कि हत्या के मुकदमे वांछित चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाना था, कोर्ट में पेशी से पहले अभियुक्त के स्वास्थ्य की जांच कराई जाती है। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अभियुक्त की तबीयत ज्यादा खराब मिलने पर भर्ती कर लिया गया। इसके बाद कोर्ट की प्रक्रिया जिला अस्पताल में ही पूर्ण हुई। अभियुक्त का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।