सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार शर्मा आचार्य
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सादाबाद कोतवाली के ऊंचागांव (सुसाइन) निवासी सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार शर्मा आचार्य का रविवार तड़के निधन हो गया। 43 वर्षीय प्रमोद कुमार की मौत श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से हुई। प्रारंभिक जानकारी में उनकी मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया गया है। इस दुखद खबर से उनके पैतृक गांव और अलीगढ़ स्थित आवास पर शोक की लहर दौड़ गई है।
प्र प्रमोद कुमार जवानों को पीटी परेड करा रहे थे, तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सीआरपीएफ अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रमोद कुमार वर्ष 2006 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वह अपने ताऊ सुरेश शर्मा के चार बेटों में सबसे छोटे थे। चचेरे भाई पंकज शर्मा ने यह जानकारी दी। प्रमोद बचपन से ही पढ़ाई में होनहार और धार्मिक प्रवृत्ति के थे। उनका स्वभाव सरल और मिलनसार था। इसी कारण गांव और रिश्तेदारों में उनका काफी सम्मान था। प्रमोद कुमार अविवाहित थे।
अलीगढ़ में होगा अंतिम संस्कार
सीआरपीएफ की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। सोमवार सुबह उनका पार्थिव शरीर हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। दिल्ली से पार्थिव शरीर को अलीगढ़ ले जाया जा रहा है। यह पार्थिव शरीर अलीगढ़ स्थित नंदनवन कॉलोनी फेस वन, मेलरोज बाईपास स्थित आवास पर पहुंचेगा। यहां सीआरपीएफ जवान को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
गांव में शोक की लहर
प्रमोद कुमार की मौत की खबर मिलते ही ऊंचागांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अलीगढ़ स्थित उनके आवास पर पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रमोद कुमार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गांव ने अपना एक जांबाज बेटा खो दिया है।
परिवार में सबसे छोटे थे और अविवाहित थे
प्रमोद कुमार सादाबाद कोतवाली के ऊंचागांव (सुसाइन) के मूल निवासी थे। वह अपने परिवार में सबसे छोटे थे और अविवाहित थे। बचपन से ही उनकी पहचान एक होनहार छात्र के रूप में थी। उनकी धार्मिक प्रवृत्ति और सरल स्वभाव ने उन्हें सभी का प्रिय बना दिया था। गांव और रिश्तेदारों में उन्हें बहुत आदर दिया जाता था।