न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दहेज के लिए परेशान करने और फिर विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले उसके पति, जेठ और जिठानी को जिला जज ने दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव छतारा निवासी गिरीश कुमार की बहन ममता की शादी उमेश कुमार पुत्र कुंवरपाल निवासी नवीपुर थाना कोतवाली नगर हाथरस के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर ममता को परेशान करते थे। गिरीश का कहना था कि उसके बहनोई उमेश व कुछ अन्य नामजद ससुरालीजनों ने 15 जुलाई 2009 को उसकी बहन की हत्या कर दी और वहां से फरार हो गए। इस मामले की रिपोर्ट थाना कोतवाली सदर में उसने दर्ज कराई। पुलिस ने दहेज हत्या की धाराओं में यह मुकदमा दर्ज किया, लेकिन विवेचना अधिकारी ने इस मामले में धारा 498 ए व 306 में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया।
विवेचना अधिकारी के मुताबिक दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर विवाहिता ममता को आत्महत्या के लिए उकसाया गया और इसलिए उसने आत्महत्या कर ली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह प्रथम ने इस मामले में धारा 498ए के तहत मृतका के पति उमेश, जेठ अजय व जेठानी मधु को तीन-तीन साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड व धारा 306 आईपीसी में दस-दस साल की कैद और दस-दस हजार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।