न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वकीलों की हड़ताल के चलते बिटिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में आरोपी रामू की जमानत याचिका पर न्यायालय में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इसकी सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तिथि नियत की गई है। सीबीआई इस मामले में आरोपपत्र विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायालय में दाखिल कर चुकी है।
उल्लेखनीय है कि चंदपा क्षेत्र के एक गांव की एक युवती के साथ 14 सितंबर को चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था और उस पर जानलेवा हमला किया था। इसके बाद युवती को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए रेफर किया गया था। वहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया था। 29 सितंबर को इस युवती की मौत हो गई थी। इस मामले ने खासा तूल पकड़ा था और पूरा विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया था। हालांकि बिटिया की मौत से पहले ही पुलिस ने चारों आरोपियों संदीप, रामू, रवि व लवकुश को गिरफ्तार कर लिया था। यह आरोपी तभी से अलीगढ़ जेल में बंद हैं।
ज्यादा हंगामा मचने पर सरकार ने तत्कालीन एसपी सहित छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने 18 दिसंबर 2020 को चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) के न्यायालय में दाखिल किया था। इस मामले में एक अभियुक्त रामू पुत्र राकेश की जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया गया था। इस पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि नियत की गई थी। ऐसे में बिटिया के पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा भी कोर्ट आई थीं। यहां बिटिया के पक्ष की ओर से भागीरथ सिंह सोलंकी पैरवी कर रहे हैं, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर पैरवी कर रहे हैं। बुधवार को वकीलों की हड़ताल थी।
ऐसे में जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस याचिका पर सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तिथि नियत की गई है। इस केस में पहले भी स्थानीय न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 29 जनवरी ही तय कर रखी है। पीड़ित पक्ष की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा व भागीरथ सिंह सोलंकी ने बताया कि अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई। अब 29 जनवरी को सुनवाई होगी। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह ने भी यही जानकारी दी।
बीच के बॉक्स के लिए--
सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच बिटिया का भाई भी आया कोर्ट
हाथरस। बुधवार को बिटिया का बड़ा भाई भी सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में आया। इस दौरान काफी पुलिसकर्मी भी कोर्ट परिसर में तैनात रहे। बाद में जब जमानत याचिका पर सुनवाई की तिथि आगे बढ़ा दी गई तो सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच बिटिया का भाई घर वापस लौट गया।