न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना ने शहर में बिजली आपूर्ति के सिस्टम की बेहतरी की राह को रोक दिया है। प्रबंध निदेशक कार्यालय में कई प्रस्ताव गए हुए हैं, जो स्वीकृति के इंतजार में लटके हैं। इस कारण औद्योगिक क्षेत्र के फीडर और जर्जर लाइन बदलने के प्रस्तावों को हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
उल्लेखनीय है कि शहर के 33 हजार लोगों को आधा दर्जन से अधिक बिजलीघरों से आपूर्ति दी जाती है। कई साल पूर्व आरएपीडीआरपी योजना के तहत शहर में बिजली चोरी को रोकने के लिए लाइन डाली गई थी। यह लाइन वर्तमान में कुछ स्थानों पर जर्जर हो गई है। इसके अलावा ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए कुछ सबस्टेशनों की क्षमतावृद्धि का प्रस्ताव भी बनाया गया।
इसके अलावा बीते दिनों उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहतर विद्युत आपूर्ति की मांग की थी। इस पर विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से नया फीडर प्रगतिपुरम विद्युत उपकेंद्र से बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया। यह प्रस्ताव मुख्य अभियंता कार्यालय से एमडी कार्यालय भी पहुंच गए हैं। इस बीच कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने प्रचंड रूप ले लिया है। इस कारण इन प्रस्तावों को अभी तक एमडी कार्यालय से हरी झंडी नहीं मिल पाई है।