न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास खंड हाथरस के बेसिक शिक्षा विभाग के एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल के प्रधानाध्यापक पर व्हाट्सएप ग्रुप में अभद्रता करने और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए की गई शिकायत की जांच में पुष्टि हुई है। इसे लेकर अब बीएसए ने प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के अंदर जवाब मांगा है, अन्यथा विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
बेसिक शिक्षा विभाग के एक अंग्रेजी मीडियम स्कूल के दो शिक्षक, एक शिक्षिका और दो शिक्षामित्रों ने सामूहिक रूप से जिलाधिकारी से अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक पर विभिन्न आरोप लगाते हुए शिकायत की। आरोप यह था कि 14 फरवरी 2020 को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप पर अभद्र भाषा व जाति सूचक टिप्पणी की गई है। यह भी आरोप था कि शिकायत पीएमओ व सीएमओ को भेजना, फिर बताऊंगा कि एप्रोच क्या होती है।
इसके अलावा धमकाने का आरोप भी प्रधानाध्यापक पर लगाया गया। खंड शिक्षा अधिकारी सासनी व हसायन की जांच आख्या में अभद्र भाषा संबंधी की गई टिप्पणी एवं स्टाफ को धमकाने की शिकायतों की पुष्टि हुई है। इसे लेकर अब बीएसए ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बीएएस डॉ. ऋचा गुप्ता ने बताया कि अभी तक हुई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। इसे लेकर आरोपी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। सात दिन के अंदर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण न देने पर अग्रिम विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस मामले को लेकर आरोपी प्रधानाध्यापक का कहना है कि मुझे लेकर इस समय एक शिक्षक संगठन लगातार गलत आरोप लगवाकर ईर्ष्या वश बदनाम करने की साजिश कर रहा है। परिणामस्वरूप बीएसए कार्यालय से लेटर भाषा तोड़-मरोड़ कर बनवाए जा रहे हैं। उनके पास हर सवाल का जवाब है। इनके द्वारा लगाए गए हर आरोप निराधार हैं। मेरे पास पर्याप्त साक्ष्य भी हैं। जांच में उनके ऊपर आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। सर्वप्रथम उनके द्वारा इन सभी अध्यापकों द्वारा न पढ़ाने की शिकायत की गई है, जिससे बचने के लिए ये लोग मुझे गलत आरोप लगाकर निशाना बना रहे हैं।