न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला अस्पताल में एक मृतका के परिजनों द्वारा उसके शव को कंधे पर लेकर भटकने के मामले में हालांकि प्रशासन ने अपनी जांच में सभी को क्लीन चिट दे दी है, लेकिन जिला अस्पताल से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक सहित पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह भी हिदायत भी दी है कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।
उल्लेखनीय है कि गांव चिंतापुर बदन की 35 वर्षीय एक महिला प्रवेश पत्नी रामखिलाड़ी को उपचार के लिए जब जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। उस समय यह दृश्य सामने आया था कि मृतका को स्ट्रेचर तक नहीं मिला था और काफी देर तक उसके शव को उसके परिजन जिला अस्पताल में कंधे पर उठाते फिरे थे। बाद में यह लोग शव को प्राइवेट एंबुलेंस में अपने गांव ले गए थे।
इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच पड़ताल की थी। उसके पति रामखिलाड़ी ने यह लिखकर दिया था कि उसे किसी से कोई शिकायत नहीं है और इस मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। इधर, पूरे मामले की गूंज शासन तक पहुंच गई थी। एस पर एडी हेल्थ अलीगढ़ ने सीएमएस से जवाब-तलब किया था।
सीएमएस ने अपना जवाब उन्हें भेज दिया। वहीं सीएमएस डॉ. सूर्यप्रकाश का कहना है कि उन्होंने उस समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक सहित पूरे स्टाफ से इसे लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनका कहना है कि अस्पताल के सभी चिकित्सकों व कर्मियों को यह हिदायत दी गई है कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। आने वाले सभी मरीजों व उनके तीमारदारों को पर्याप्त चिकित्सा व अन्य उपलब्ध सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। संवाद