न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)गांव नगला सेवा निवासी मुख्य आरक्षी संजीत कुमार (35 वर्ष) पुत्र जुगेंद्र सिंह की मौत बुधवार की सुबह मेरठ में सड़क हादसे में हो गई थी। बुधवार की देर रात को ही गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मेरठ पुलिस लाइन से आई पुलिस की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी।
गांव नगला सेवा निवासी मुख्य आरक्षी संजीत कुमार (35 वर्ष) पुत्र जुगेंद्र सिंह की मौत बुधवार की सुबह मेरठ में सड़क हादसे में हो गई थी। बुधवार की देर रात को ही गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान के साथ उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मेरठ पुलिस लाइन से आई पुलिस की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। संजीत के 14 वर्षीय पुत्र मनीष ने जब उनको मुखाग्नि दी तो श्मशान में मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
बुधवार की शाम को मेरठ से शव आने पर उनके निवासी पर हजारों की भीड़ लग गई। अंतिम संस्कार से पहले वहां मौजूद लोगों ने उनके शव पर पुष्प एवं माला पहना कर उनको अंतिम प्रणाम किया। स्थानीय पुलिस से भी इलाका इंचार्ज एसआई ओमबाबू एवं उनके साथ हमराहों ने माल्यार्पण कर उनको नमन किया।
संजीत के पिता ने बताया कि वह डेढ़ माह पूर्व ही गांव से छुट्टी काटकर ड्यूटी पर गए हुए थे। वह पहले गाजियाबाद जिले में तैनात थे। एक माह पूर्व ही उनकी मेरठ में तैनाती हुई थी। वह इस समय मेरठ के कंकरखेड़ा थाने की पीआरवी वैन 112 पर तैनात थे। वह अपने परिवार के साथ गाजियाबाद में ही रहते थे। उन्होंने अपने पीछे पत्नी सुनीता देवी एवं पुत्र मनीष (14) तथा पुत्री साक्षी (12) को रोते बिलखते छोड़ा है। बुजुर्ग माता-पिता और छोटे भाइयों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। संजीत तीन भाई थे। सबसे छोटा भाई भी पीएसी में तैनात है। संवाद