न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना कर्फ्यू के बावजूद मतगणना केंद्र पर प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इससे सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई। मतगणना केंद्रों के बाहर भीड़ बेकाबू हो गई और इसे नियंत्रित करने में पुलिस पसीना-पसीना हो गई। पुलिस ने इस दौरान जमकर लाठियां फटकारी। इसे लेकर खासा हंगामा भी हुआ। इसी तरह की अव्यवस्थाएं मतगणना केंद्र के अंदर देखने को मिली। जिसके कारण किसी भी केंद्र पर समय से मतगणना शुरू नहीं हो सकी।
मतगणना को लेकर प्रशासन ने काफी पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया था लेकिन प्रशासन के सारे इंतजाम मतगणना के दिन फेल हो गए। सुबह सात बजे से ही मतगणना केंद्र एमजी पॉलीटेक्निक संस्थान के बाहर एजेंटों व प्रत्याशियों के अन्य समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। यह मतगणना कई चरणों में कराई जानी थी लेकिन किस बूथ के हिसाब से मतगणना होगी, इसकी योजना तैयार नहीं की गई।
ऐसे में काफी अधिक भीड़ जब मतगणना केंद्र के बाहर जमा हो गई तो इसे देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। इस भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। जैसे-तैसे मतगणना एजेंटों की लाइन लगवा कर उन्हें अंदर प्रवेश दिलाया गया लेकिन इस दौरान भी काफी लोग दीवार फांदकर अंदर घुस आए। इनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। इससे और ज्यादा स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने इन्हें दूर-दूर तक लाठियां फटकार कर खदेड़ा। जिले के हर मतगणना केंद्र पर काफी देरी से मतगणना शुरू हुई और फिर मतगणना के परिणाम घोषित होने में समय लगा। इसे लेकर कई बार हंगामा हुआ।
कर्मियों के दिलो दिमाग पर छाया रहा कोरोना का डर
हाथरस। कई मतगणना केंद्रों पर खाने के पैकेट और पानी की किल्लत भी देखने को मिली। भीषण गर्मी में मतगणना के दौरान कर्मियों के लिए व्यवस्थाएं नहीं थी। वहीं, ड्यूटी में लगे कर्मियों को कोरोना का डर भी सताता रहा।