संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
उच्च न्यायालय द्वारा पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने का आदेश देने के बाद बिटिया के भाई ने कहा है कि सरकार को हाईकोर्ट के इस आदेश पर तत्काल अमल करना चाहिए। घटना के समय सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करे।
बिटिया के भाई ने कहा है कि घटना को करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके परिवार को न्याय नहीं मिला है। हमें न्याय चाहिए। उसने फिर दोहराया है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वह अपनी बहन की अस्थियों का विसर्जन नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि 14 सितंबर 2020 को कोतवाली चंदपा क्षेत्र के एक गांव में गांव के कुछ युवकों ने अनुसूचित जाति की एक लड़की के साथ दुष्कर्म किया था और उसे जान से मारने का प्रयास किया था। इस लड़की की दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था और सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई थी। पुलिस ने इस युवती की मौत से पहले ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। चारों आरोपी अभी अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध हैं। उस समय सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी व आवास देने का वादा किया था। सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दे दी थी।
इसके बाद मामले की जांच सीबीआई के पास चली गई थी। सीबीआई ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। अभी मामले की सुनवाई चल रही है। पूरा परिवार सीआरपीएफ की सुरक्षा में है। अब हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पीड़ित परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ परिवार को हाथरस से बाहर रहने के इंतजाम करने का आदेश सरकार को दिया है।
बिटिया के भाई ने कहा है कि हाईकोर्ट के इस आदेश पर सरकार तत्काल अमल करे। उसका कहना है कि इस घटना को दो साल हो गए, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। कोर्ट का फैसला नहीं आया है। सरकार ने उस समय सरकारी नौकरी और आवास देने का वादा किया था, लेकिन यह अभी तक पूरा नहीं हुआ।
अब तो इसे लेकर हाईकोर्ट ने भी आदेश दे दिया है। सरकार इस आदेश पर तत्काल अमल करे। बिटिया के भाई का कहना है कि इस घटना के बाद वह और उसका भाई बेरोजगार बैठे हैं। मानसिक और आर्थिक संकट झेल रहे हैं। अन्य दिक्कतें भी पूरे परिवार के सामने हैं। उसने फिर दोहराया कि वह अपनी बहन की अस्थियां तब तक विसर्जित नहीं करेगा, जब तक कि उसे न्याय नहीं मिलेगा।