हाथरस : गिजरौली बिजलीघर पर रविवार को बिल जमा करते कर्मी।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रदेश सरकार ने कोविड एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की शुरुआत की है। 15 मार्च तक ओटीएस में बकायेदारों के पंजीकरण किए जाएंगे। योजना की अवधि में मात्र सात दिन बचे हैं। ऐसे में बिजली महकमे के सामने 47 हजार बकायेदारों से बकाया वसूलने की चुनौती है। इन उपभोक्ताओं से तीन साल से बकाया जमा नहीं किया। इस कारण बकाये की धनराशि 42 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। विभागीय कर्मी बकायेदारों के यहां पहुंच भी रहे हैं तो बकायेदार उन्हें मिल नहीं रहे।
उल्लेखनीय है कि जिले के 198 फीडरों के जरिये सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली दी जाती है। इनमें हजारों की संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने आज तक बिजली का बिल जमा करने की सुध नहीं ली है। अब महकमे द्वारा बकायेदारों को ओटीएस की जानकारी देते हुए बकाया देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बकायेदारों को समझाया जा रहा है कि बहुत कम समय के लिए ओटीएस आई है, इसलिए वह इसका फायदा उठाने में देर नहीं करें, अन्यथा उन पर कार्रवाई की जाएगी। विभागीय कर्मी बकायेदारों को ट्रेस करने के साथ उनका दरवाजा भी खटखटा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि महज सात दिन में इतनी बड़ी संख्या में बकायेदारों से संपर्क कैसे किया जाए।
बीते तीन साल से जिले के 47 हजार लोगों ने बकाया जमा नहीं किया है। इन पर 42 करोड़ रुपये का बकाया है। यदि वह ओटीएस के तहत बकाया जमा नहीं करते हैं तो इनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
-पवन कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
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