न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के सरकारी कार्यालयों में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंदर नहीं चलने दे रहे हैं। आए-दिन मंडी, रोडवेज कार्यशाला आदि कार्यालयों में बंदर कैमरों की वायरिंग को काट रहे हैं। इस कारण कैमरे शोपीस बने हुए हैं। बंदरों के चलते सुरक्षा में सेंध लग रही है। इसे लेकर महकमों के अफसर खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय है कि वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में आठ हजार बंदर हैं। बंदरों को पकड़वाने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। इस कारण शहर में बंदर आराम से लोगों को चुटैल करने के साथ आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
बिजली उपकरण भी बंदरों के निशाने पर
हाथरस। शहर के मंडी समिति, मीतई सबस्टेशन रोडवेज कार्यशाला, सिटी रेलवे स्टेशन, शहर के गोशाला रोड, अलीगढ़ रोड आदि स्थानों पर बंदरों का आतंक है। बंदरों का आतंक इस कदर है कि आए-दिन वह ट्रांसफार्मरों पर उछलकूद करते हैं। इस कारण लोगों को बिजली संकट से भी जूझना पड़ता है। सरकारी कार्यालयों में लगे सीसीटीवी कैमरों की वायरिंग को भी बंदर क्षतिग्रस्त कर देते हैं। इस कारण कैमरे शोपीस बन जाते हैं। अधिकांश कार्यालयों में बंदरों के उत्पात की वजह से ही कैमरे नहीं चल रहे हैं। पर्याप्त सुरक्षा न होने के कारण लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
कई बार बंदरों को पकड़ने के लिखा पत्र
हाथरस। बिजली महकमे के ट्रांसमिशन विभाग द्वारा बंदरों के हमले से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका प्रशासन को कई बार पत्र भी लिखा गया है, लेकिन आज तक इसके लिए कोई योजना नगर पालिका प्रशासन नहीं बना सका है। इस कारण अब महकमों ने इस बारे में लिखा-पढ़ी भी बंद कर दी है। संवाद