हाथरस के बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में दोनों आरोपी लव कुश और रवि की जमानत अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी है। इससे पहले दोनों आरोपियों रवि और लवकुश की जमानत अर्जी पर बुधवार को विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में सुनवाई हुई। बहस के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। एक आरोपी रामू की जमानत अर्जी कोर्ट द्वारा पूर्व में खारिज की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है पिछले वर्ष जिले के चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर को अनुसूचित जाति की एक बिटिया के साथ वारदात हुई थी। बिटिया की मौत 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हो गई थी। इस घटना ने देश भर में तूल पकड़ लिया था और सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई थी।
मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने अपनी जांच के उपरांत चार आरोपियों संदीप, रामू, रवि और लवकुश के खिलाफ अनुसूचित जाति की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने का आरोपपत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) के यहां दाखिल किया था। यह चारों आरोपी बिटिया की मौत से पहले से ही जेल में बंद हैं। 29 जनवरी को एक आरोपी रामू पुत्र राकेश की जमानत के लिए इसी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया था।
बहस के बाद न्यायालय ने रामू की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। अब बुधवार को दो अभियुक्तों रवि व लवकुश की जमानत के लिए अर्जी पर विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) बीडी भारती के न्यायालय में सुनवाई हुई थी। इस मामले में आरोपी पक्ष की ओर से मुन्ना सिंह पुंढीर ने पैरवी की। बिटिया के पक्ष की ओर से भागीरथ सिंह सोलंकी के अलावा सीबीआई के अधिवक्ता ने बहस की। इस केस की जांच अधिकारी सीबीआई की डीएसपी सीमा पाहुजा भी करीब एक बजे कोर्ट पहुंचीं। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने बहस की। दोनों अभियुक्तों की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
चारों आरोपियों की हुई अदालत में पेशी, 19 को अगली सुनवाई
बिटिया प्रकरण के एक अलग मामले में गुरुवार को चारों आरोपियों की विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) के समक्ष पेशी हुई l अब मुकदमे में 19 फरवरी को सुनवाई होगीl