हाथरस : पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बसपा में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है। अब पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। देशमुख ने आरोप लगाया है कि पार्टी के को-ऑर्डिनेटरों ने उनसे टिकट के लिए 12 लाख रुपये मांगे थे। उनका कहना है कि यह सब एक साजिश के तहत हुआ है।
उल्लेखनीय है कि बसपा में पंचायत चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर कलह चल रही है। पार्टी ने कई बार समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी की और इसकी वजह से तीन दिन में दो जिलाध्यक्ष भी बदल दिए। बुधवार को पार्टी ने अंतिम सूची जारी कर दी। अब पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख को निष्कासित कर दिया है। उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं।
बसपा जिलाध्यक्ष महेशबाबू कुशवाहा ने बताया कि अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधयों के चलते देशमुख को पार्टी से निकाला गया है। उन्होंने कहा कि देशमुख को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन वह अनुशासनहीनता करते रहे। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख ने पलटवार करते हुए कहा है कि तीन अप्रैल को पार्टी के को-ऑर्डिनेटरों ने उन्हें जिलाध्यक्ष बनाए जाने की सूचना दी और वार्ड संख्या 12 से चुनाव न लड़ने का दबाव बनाया।
देशमुख का कहना है कि उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। देशमुख ने कहा है कि जिलाध्यक्ष बने रहने और वार्ड नंबर 12 से टिकट देने के एवज में 12 लाख रुपये की मांग की गई। जब उन्होंने इससे मना कर दिया और कहा कि वह पिछले 30 साल से इसी पार्टी में हैं तो को-ऑर्डिनेटरों ने महज तीन दिन के अंदर उनको जिलाध्यक्ष के पद से हटा दिया। साथ ही उनको एटा भेज दिया, जिससे वह यहां अपनी तैयारी न कर सकें। यह सब एक साजिश का हिस्सा है। इसमें जिले के मुख्य सेक्टर को-ऑर्डिनेटर भी शामिल थे। उनका कहना है कि इसी साजिश के तहत इन लोगों ने अब उनका निष्कासन करा दिया है। को-ऑर्डिनेटरों ने एक साजिश के तहत एक निष्ठावान कार्यकर्ता की बलि चढ़ाई है।