फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : मिठाई की दुकान के कमरे में मिला कर्मी का शव

विज्ञापन
हाथरस : मृत युवक कन्हैया का फाइल फोटो। - फोटो : SIKANDHRA RAHU
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
विज्ञापन

पंत चौराहा स्थित गंगा स्वीट की तीसरी मंजिल पर शुक्रवार की सुबह बंद कमरे में एक कर्मचारी का शव मिलने से सनसनी फैल गई। इस कर्मचारी को गोली लगी थी। कमरे के दरवाजे अंदर से बंद थे। पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिला मुख्यालय से फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने दरवाजे तोड़े तो कर्मी का शव जमीन पर पड़ा था और पास में ही तमंचा भी पड़ा था। हालांकि पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस ने मृतक के चाचा की तहरीर पर फर्म स्वामी श्याम यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बता दें कि पंत चौराहा स्थित गंगा स्वीट्स पर कोतवाली के गांव भटपुरा बसई निवासी युवक कन्हैया (18 वर्ष) पुत्र निहाल सिंह नौकरी करता था। वह रात को दुकान की तीसरी मंजिल स्थित कमरे में ही सोता था। बृहस्पतिवार को कन्हैया छुट्टी के बाद दुकान पर आया और पूरे दिन काम करने के बाद दुकान के ऊपर कमरे में जाकर सो गया। शुक्रवार की सुबह दुकान स्वामी श्याम यादव पुत्र केदारी सिंह यादव ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो उसने दरवाजा नहीं खोला। किवाड़ों के ऊपर लगे जाल से उसने देखा तो पाया कि कन्हैया जमीन पर पड़ा हुआ है और उसके आसपास खून बिखरा हुआ है। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन

मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। जिले से फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तो उसकी मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर दीवार के सहारे कन्हैया मृत पड़ा था। उसके पास 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस पुलिस को मिले। गोली कन्हैया की कान के ऊपर लगकर सिर से पार निकल गई। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर काफी देर तक हंगामा काटा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि आत्महत्या से लेकर हत्या तक के बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। इधर, मृतक के चाचा राजकुमार ने श्याम यादव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया है कि मृतक की कई माह की तनख्वाह बकाया थी। शव के पास मिले तमंचे पर उंगलियों के निशान से स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।
विज्ञापन

इधर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि श्याम यादव एडवोकेट बार के सदस्य हैं। उनके प्रतिष्ठान पर हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि श्याम यादव को झूठा फंसाने की कोशिश की गई तो बार इसका तीव्र विरोध करेगी। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें