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हाथरस : गुस्से और लालच में खून के रिश्तों का हो रहा कत्ल

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हाथरस : विलाप करते मृतक विशाल के परिजन। संवाद - फोटो : SADABAD
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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गुस्से और लालच में जिले में हाल में ही कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे खून के रिश्तों का भी कत्ल हो गया है। नगला घूंचा में जिस तरह से एक पिता ने अपने सगे बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी, वैसे ही कई घटनाएं जिले में हो चुकी हैं। इन वारदातों में कई बेटों ने मां को मौत के घाट उतार दिया तो कहीं पिता ने बेटे की जान ले ली।
पिछले माह पितृ अमावस्या के दिन सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव कमालपुर में एक बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर छह बीघा जमीन के लिए अपनी 70 वर्षीय मां को धारदार हथियार से गर्दन रेतकर मौत के घाट उतार दिया था। इसी तरह इसी साल अगस्त माह में कोतवाली सहपऊ क्षेत्र के गांव महरारा के मजरा नगला चिमन में भी एक युवक ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने वृद्ध पिता की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। यह हत्या भी जमीन के लिए की गई थी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था। सहपऊ के ही गांव नगला कली में छह जुलाई को बड़े भाई ने छोटे भाई की ईंट प्रहार कर हत्या कर दी थी।
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वहीं हाथरस शहर में गांधी चौक घंटाघर में 23 मई की रात्रि में एक महिला रीता अग्रवाल की हत्या उसके बेटे ने ही कर दी थी। बेटा शेयर मार्केट में लाखों रुपये हार गया था। मां ने जब इसे लेकर उसे डांटा था तो उसने सोते समय तकिया से गला दबाकर अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया था। कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव वेदई में नौ अगस्त को जमीन की खातिर एक नाती ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने दादा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं सहपऊ के गांव गढ़ी जुलिया में 25 जुलाई को शराब के ेनशे में धुत एक बेटे ने धक्का मारकर अपनी मां को मौत के घाट उतार दिया था। संवाद
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