फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : पूर्व मंत्री रामवीर व उनके निजी सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी

विज्ञापन
हाथरस : रामवीर उपाध्याय। संवाद - फोटो : HATHRAS
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

अपहरण की कोशिश के एक मामले में न्यायालय ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय व उनके निजी सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही पत्रावली हाजिरी के लिए 15 नवंबर की तिथि नियत की है।
परिवादी वीरेंद्र कुमार पुत्र गंगाराम निवासी गंभीर पट्टी बिसाना थाना चंदपा ने आरोप लगाया था कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है और क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहा है। एमएलसी चुनाव में वोट पाने के लिए पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय, उनके भाइयों व सहयोगियों ने उसका अपहरण कराया था। इसकी प्राथमिकी उसने थाना चंदपा में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने पक्षपातपूर्वक विवेचना को समाप्त कर दिया था।
विज्ञापन

उसने इसे लेकर उच्चतम न्यायालय तक विधिक कार्यवाही की थी। इस पर उच्चतम न्यायालय ने उसकी याचिका पर पूरे प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी से कराने के आदेश दिए थे। स्थानीय कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि एक सितंबर 2019 को रामवीर उपाध्याय, उनके पीए रानू पंडित व छह-सात अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उसका अपहरण करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के चलते यह लोग सफल नहीं हो सके।
विज्ञापन

उसका कहना है कि तभी से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पा रही है। उसने यह प्रार्थना पत्र अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-चतुर्थ के न्यायालय में दिया था। कोर्ट ने इस मामले में रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को धारा 365 व 3(1) (ध) एससी-एसटी एक्ट में जरिये सम्मन तलब किया था। अब इस मामले में कोर्ट ने रामवीर व उनके निजी सचिव रानू पंडित के जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही पत्रावली प्रस्तुत करने के लिए 15 नवंबर की तिथि नियत की है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें