हाथरस : क्लीनिक सीज करने के विरोध में रणनीति बनाते चिकित्सक। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
नगर के अफीराह क्लीनिक को सीज करने के विरोध में बुधवार को दूसरे दिन भी आयुर्वेदिक यूनानी क्लीनिक बंद रहे। इससे गांव, देहात व कस्बे से आए मरीज इलाज के लिए दिन भर इधर-उधर भटकते रहे। चिकित्सकों ने बैठक कर कहा कि शासनादेश में एलोपैथी की काफी दवाओं के प्रयोग करने की स्पष्ट अनुमति है। यह शासनादेश एसडीएम को जाकर डाक्टरों ने दिखाया।
डॉ. ललित बघेल के आवास पर आयुर्वेदिक यूनानी डाक्टरों की एक बैठक हुई। इसमें 35 साल से डाक्टरी कर रहे आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. अरविंद सारस्वत ने बताया कि आठ सितंबर 2015 को प्रदेश सरकार ने गजट जारी कर एलोपैथी दवाओं के इलाज की अनुमति मांगी दी थी। डॉ. ललित बघेल ने कहा कि गजट में लिखा है कि गंभीर रूप से सभी बीमार रोगियों की प्रारंभिक देखभाल, चिकित्सा के उपरांत रेफर कर दिया जाए।
डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि हम केवल खांसी, जुकाम व बुखार जैसी साधारण बीमारियों के इलाज के अनुमति है। सभी डॉक्टरों ने एक राय में कहा कि वे काफी सस्ता इलाज करते हैं इसलिए उनके यहां मरीज काफी संख्या में आते हैं। प्रशासन द्वारा अगर हमें परेशान किया गया तो हम चुप नहीं रहेंगे। बैठक में डॉ. सीपी वर्मा, डॉ. विजय प्रकाश गुप्ता, डॉ. अजीम खान, डॉ. अंशुल सोनी, डॉ. अरविंद सारस्वत, डॉ. आसिम अंसारी, डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. यतेंद्र कुमार आदि थे। संवाद