न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनना बेहद जरूरी है। यह बोलने, खांसने और छींकने के दौरान बाहर निकलने वाले ड्रॉपलेट्स को रोकता है। मास्क का प्रयोग ट्रांसमिशन रोकने के लिए किया जाता है। इसके अलावा हमें वायरस से बचने के लिए कम से कम छह फीट की दूरी रखनी चाहिए। बार-बार हाथ धोने चाहिए और मास्क और चेहरे को हाथ से छूने से बचना चाहिए।
गलत तरीके से मास्क पहनने से फायदे कम, नुकसान ज्यादा
जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी सुचिका सहाय कहती हैं कि मास्क पहनने को लेकर लोगों को और ज्यादा गंभीर होने की जरूरत है। कुछ लोग इस तरह मास्क लगा रहे हैं जैसे उन्हें सिर्फ पुलिस के चालान से बचना है, बीमारी से नहीं। गलत तरीके से मास्क पहनने से फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो सकता है। अक्सर देखा जा रहा है कि लोग मास्क को मुंह और नाक पर न लगाकर गले में लटका लेते हैं। यह स्थिति खतरे को और बढ़ा सकती है।
मास्क को गले में नहीं लटकाएं
सुचिका सहाय ने बताया कि मास्क से मुंह और नाक ढंकने के लिए इसलिए कहा जाता है, ताकि कोरोना का वायरस या किसी अन्य संक्रमण को शरीर में प्रवेश करने से रोका जा सके। हम मास्क को अक्सर गले में लटका लेते हैं और फिर उसे मुंह-नाक पर लगाते हैं तो इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि गर्दन या चेहरे पर चिपके वायरस के मास्क के जरिये मुंह नाक में जाने की आशंका बढ़ जाती है। मास्क को बार-बार हाथ से छूने से भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपको पानी पीने या कुछ खाने के लिए मास्क हटाना पड़े तो उसे पूरी तरह हटाकर अलग रख दें और फिर वापस लगा लें। गले में न लटकाएं।
बहुउद्देशीय मास्क के प्रयोग से बचें
उधर, सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर का कहना है कि मल्टीपरपज मास्क (चुन्नी और गमछा आदि) से फायदे की जगह नुकसान का खतरा ज्यादा है। मल्टीपरपज होना ही खतरे का कारण है। पसीना आने पर मुंह पोंछ लेना, कभी हाथ पोंछ लेना संक्रमण के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। यदि चुन्नी या गमछे का ही मास्क के रूप में प्रयोग करना चाहते हैं तो बेहतर है कि उसे काटकर घर में मास्क सिल लें। एक गमछे या चुन्नी में कई मास्क बन जाएंगे। ध्यान रहे कि घर में बने मास्क को अच्छी तरह से डिटर्जेंट में आधे घंटे तक भिगोकर धोने और फिर धूप में सुखाने के बाद ही दोबारा मास्क का इस्तेमाल करें।