संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद/हाथरस।
पुलिस हिरासत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता राजकुमार उर्फ राजू की मौत के मामले में उनके भाई महाराज सिंह का कहना है कि पुलिस की पिटाई से उनके भाई की मौत हुई है, इसलिए इस मामले में लिप्त पुलिसकर्मियों व अन्य नामजदों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।
महाराज सिंह ने मुआवजे की मांग भी सरकार से की है। उन्होंने सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना पर दूसरे पक्ष को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। महाराज सिंह ने कहा है कि उनके भाई राजकुमार उर्फ राजू पर सोमवार की रात्रि में कुछ लोगों ने जानलेवा हमला किया था।
पुलिस घायल अवस्था में उनके भाई को थाने ले गई। दूसरे पक्ष के भी तीन लोगों को पकड़कर थाने ले गई, लेकिन रात भर पुलिस ने उनके भाई को हिरासत में रखा। रात्रि में उनके भाई को चिकित्सकीय परीक्षण कराने के लिए पुलिस बागला जिला अस्पताल लेकर गई थी।
वहां चिकित्सक ने उनके भाई की खराब हालत को देखते हुए अस्पताल में दाखिल कराने के लिए कहा था, लेकिन दरोगा सर्वेश कुमार ने उनके भाई का इलाज नहीं होने दिया और जबरिया उनके भाई को घसीटते हुए अस्पताल से थाने ले आए। सुबह जब उनके भाई की मौत हो गई।
तब पुलिस ने उन्हें यह बताया कि राजकुमार की मौत हो गई है। महाराज सिंह ने कहा है कि उनके विपक्षियों के साथ मिलकर थाना प्रभारी की मौजूदगी में सर्वेश कुमार व कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके भाई के साथ थाने में मारपीट की और टार्चर किया। पुलिस की पिटाई से उसके भाई की मौत हो गई। उनके भाई की हत्या में पुलिस लिप्त है।
उन्होंने कहा है कि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, इसलिए इस मामले में दूसरे पक्ष के साथ-साथ आरोपी पुलिसकर्मी भी गिरफ्तार होने चाहिए। उन्होंने सरकार से मुआवजे की भी मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि सोमवार की रात्रि में उन्होंने कई बार सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, जोकि इसी गांव में रहते हैं, को फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। महाराज सिंह ने आरोप लगाया है कि दूसरे पक्ष को विधायक का संरक्षण प्राप्त है।
- मेरे तो गांव का मामला है। मेरे लिए दोनों पक्ष बराबर हैं। मैं किसी को संरक्षण नहीं दे रहा। मुझ पर यदि कोई इस तरह के आरोप लगा रहा है तो गलत है।
- वीरेंद्र सिंह राना, विधायक, सिकंदराराऊ