गौरव भारद्वाज, हाथरस।
किसानों को लुभाने के लिए हाथरस व सासनी मंडी का कायाकल्प होगा। मंडी में आने वाले किसानों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मंडी हाईटेक करने पर पूरा जोर है। वर्तमान में 35 लाख रुपये की लागत से हाथरस मंडी में काम चल रहा है। चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा गया है। इसके अलावा सासनी मंडी में भी दो करोड़ की लागत से जल निकासी सुचारू करने का काम होगा।
केंद्र सरकार ने 64 तरह की फल सब्जियों को मंडी से कर मुक्त कर दिया है। मंडी का शुल्क भी एक प्रतिशत कर दिया है। अब आढ़ती व किसान बाहर दुकान खोल रहे हैं। मंडी में आने वाले दिनों में अन्नदाता की संख्या में गिरावट न आए। इसके लिए मंडियों को मूलभूत सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। वर्तमान में मंडी समिति में बाउंड्री बॉल, शौचालय, चबूतरों का निर्माण, टिनशेड आदि को 35 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
इसके अलावा मंडी चेक पोस्ट, गेट धर्मकांटा, कार्यालय आदि को आधुनिक करने के लिए चार करोड़ का प्रस्ताव मंडी मुख्यालय को भेजा गया है। वहीं सासनी मंडी में कई सालों से जलभराव की समस्या है। सासनी मंडी में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के लिए दो करोड़ का बजट पास हो गया है। बजट के जरिये मंडी परिसर में नालों का निर्माण, फर्श आदि को ऊंचा उठाने के साथ किसानों के लिए शौचालय, पेयजल आदि की सुविधा प्रदान की जाएगी।
किसानों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए 35 करोड़ रुपये की लागत से गेट, टिनशेड, बाउंड्री बॉल आदि का काम कराया जा रहा है। चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। मंडी हाईटेक बनाने पर पूरा जोर है। सासनी मंडी में दो करोड़ रुपये की लागत से जलभराव आदि की समस्या को दूर करने का काम जल्द शुरू होगा। - यशपाल सिंह मंडी सचिव।