न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्यों, बीडीसी पर हुए आरक्षण पर आपत्तियों के आने का दौर तेज हो गया है। ग्राम प्रधानों पर आपत्तियां सबसे ज्यादा विभाग को मिल रही हैं। इन आपत्तियों को विभाग की ओर से एकत्रित किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत चितावर के रहने वाले अंशुल कुमार ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि ग्राम पंचायत सन 1995 से लेकर आज तक अनुसूचित जाति की महिला के लिए प्रधान पद पर आरक्षित नहीं हुई है। उक्त ग्राम पंचायत में नियम विरुद्घ तरीके से सामान्य पुरुष सीट आरक्षित की गई है। सामान्य पुरुष से बदलकर एससी महिला किए जाने की मांग की है।
वहीं बस्तोई के ग्रामीणों का कहना है कि यहां भी ग्राम प्रधानी के आरक्षण में नियमों की अनदेखी की गई है। ग्राम पंचायत बस्तोई में एससी के लोग हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान का पद आज तक एससी जाति में एससी महिला के लिए आरक्षित नहीं किया गया है। ग्राम प्रधान का पद गलत तरीके से बीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। पिछले तीन बार से पिछड़ा वर्ग के लिए ही आरक्षित हुआ है। ग्रामीणों ने एससी महिला आरक्षित किए जाने की मांग की है।