न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बागला जिला अस्पताल में मंगलवार को एक मृतका के शव को कंधे पर उठाकर ले जाने के मामले में हालांकि प्रशासन ने जांच कर कुछ ही घंटे में चिकित्सक व अस्पताल के स्टाफ को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया है और साथ ही वीडियो को भी शेयर किया है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव चिंतापुर बदन निवासी 35 वर्षीय प्रवेश पत्नी रामखिलाड़ी को जिला अस्पताल लाया गया था तो चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वह टीबी रोग से ग्रसित थीं। उस समय यह बात सामने आई थी कि उनके शव के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही सरकारी एंबुलेंस शव को ले जाने के लिए मुहैय्या कराई गई थी।
प्रवेश के परिजन कंधे पर उसके शव को लेकर अस्पताल में भटकते रहे थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बाद में यह लोग शव को निजी एंबुलेंस में ले गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन डैमेज कंट्रोल में जुट गया था। एडीएम बसंत अग्रवाल और अन्य अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे थे।
एक टीम को मृतका के गांव भी भेजा गया था। वहां मृतका के पति रामखिलाड़ी ने टीम को लिखकर दिया था कि अस्पताल प्रशासन ने इसमें कोई लापरवाही नहीं बरती है और उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर सरकार को घेरा है और वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि न सुविधाएं न, इलाज है, यही भाजपा 2.0 का राज है। संवाद