न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में मनरेगा के तहत महिला मेट के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश की अनदेखी किए जाने के मामले सामने आने के बाद अब प्रशासनिक अफसर मामले की लीपापोती में जुट गए हैं। ग्राम पंचायत सचिवों व नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से प्रस्ताव लेकर फाइलों में जोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि प्रशासकों द्वारा विगत में ही प्रस्ताव न लेने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार फाइलों में प्रस्ताव लगे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत महिला मेट की चयन प्रक्रिया किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। चयन प्रक्रिया को लेकर शासन स्तर से शासनादेश भी जारी किया गया, जिससे कि चयन प्रक्रिया पारदर्शिता के तहत हो सके। शासन स्तर से ग्राम पंचायत से महिला समूहों में से अभ्यर्थियों के प्रस्ताव लेकर चयनित किए जाने के निर्देश जारी किए, लेकिन यहां जिले में आला अफसरों ने शासनादेश को दरकिनार करते हुए चयन प्रक्रिया को शुरू कर दिया।
यहां तक कि 165 महिला मेट का चयन किया गया। यहां मनरेगा के तहत मेट भर्ती में किसी भी प्रशासक से चयन प्रक्रिया पर कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया। विभागीय अफसरों ने मनमाने तरीके से चयन कर दी। अब इस मामले में आला अफसरों ने बैक डेट में ग्राम पंचायत सचिवों व नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों से प्रस्ताव लेने शुरू कर दिए हैं, जिससे कि फाइलों को पूरा कराया जा सके।
ब्लॉक सासनी में हुई सबसे ज्यादा महिला मेट चयनित
हाथरस। मनरेगा के तहत सबसे ज्यादा महिला मेट सासनी में चयनित की गई। यहां तक कि यहां तैनात प्रशासक से किसी भी मेट के प्रस्ताव नहीं लिए गए। इस बात की पुष्टि एडीओ पंचायत प्रशासक द्वारा की गई है। इसके बावजूद अब फाइलों में प्रस्ताव होने की बात कही जा रही है।
जिले में हुई महिला मेट चयन की शिकायत शासन को
हाथरस। जिले में महिला मेट के चयन में शासनादेश को दरकिनार करने के मामले की शिकायत शासन को भेजी गई है। राजीव शर्मा नामक व्यक्ति ने पूरे प्रकरण की शिकायत प्रमुख सचिव शासन सहित अन्य आला अफसरों को भेजी है। पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महिला मेट के चयन प्रक्रिया की फाइल मंगाई गई है। मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। जांच में कोई तथ्य सामने आता है, तो कार्रवाई की जाएगी।
आरबी भास्कर, सीडीओ