न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
प्रभारी जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में अवैध भुगतान कराने के मामले में फंसे अपर जिलाधिकारी (एडीएम) वित्त जेपी सिंह आगरा के इनर रिंग रोड घोटाले में भी फंसे हुए हैं। वहां से भी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। यहां उनके खिलाफ वित्तीय अनियमितता की जांच मंडलायुक्त अलीगढ़ कर रहे हैं। मंडलायुक्त ने उनसे जवाब मांगा है।
उल्लेखनीय है कि एडीएम वित्त जेपी सिंह आगरा में वर्ष 2013 से लेकर वर्ष 2017 तक एसडीएम रहे हैं। उन पर जिला भूमि आध्याप्ति अधिकारी का भी चार्ज था। आगरा में इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल की जमीन में उन पर गंभीर आरोप लगे थे। उन पर भू अधिग्रहण में अपने सगे संबंधियों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे थे। आगरा में इसके लिए 16 गांवों की 938 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की गई थी। उनके अलावा कई और अफसर भी इस मामले में फंसे थे और आगरा के डीएम ने सभी को नोटिस जारी कर रखे हैं। अभी वहां की जांच का सामना कर रहे जेपी सिंह के खिलाफ हाथरस में भी वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत सामने आई है।
यहां के डीएम ने यह गड़बड़ी पाई कि प्रभारी डीएम रहते हुए एक कार्यदायी संस्था को गलत तरीके से भुगतान कर दिया, जबकि उन्हें इसका अधिकार नहीं है। इसकी रिपोर्ट डीएम रमेश रंजन ने शासन को भेजी। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में उन पर गलत तरीके से एक कार्यदायी संस्था को करीब 25 लाख रुपये का भुगतान करने का आरोप है। इस मामले की जांच मंडलायुक्त अलीगढ़ कर रहे हैं। यह जांच अपर सचिव देवेश चतुर्वेदी के आदेश पर कमिश्नर अलीगढ़ कर रहे हैं। संवाद