संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की जब कार खराब हो गई तो उन्हें तांगे से गांव रुदायन लाया गया और फिर वहां उन्होंने मध्य रात्रि में सभा की। जैसे-तैसे वहां रोशनी के लिए पेट्रोमैक्स आदि की व्यवस्था की गई। यह पुराना किस्सा बताते हैं सासनी के भाजपा के वरिष्ठ नेता व लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रकाश चंद शर्मा।
प्रकाश चंद शर्मा लंबे समय से भाजपा और उससे पहले जनसंघ से जुड़े रहे हैं। एक पुराना किस्सा बताते हैं कि सासनी सुरक्षित सीट उस समय समाप्त नहीं हुई थी। 1972 में सासनी के गांव रुदायन में एक जनसभा को संबोधित करने के लिए लालकृष्ण आडवाणी को बुलाया गया लेकिन मडराक पर उनकी कार खराब हो गई।
उस समय जनसंघ ही पार्टी थी। भाजपा का गठन नहीं हुआ था। चुनाव चिन्ह दीपक था। उस समय ज्यादा वाहन चलते नहीं थे और शाम भी हो गई थी। ऐसे में तांगे में आडवाणी जी को वे और उनके साथी डीपी उपाध्याय रुदायन तक लेकर आए।
वहां मध्य रात्रि में काफी लोग तो सो चुके थे। गांव के लोगों को जगाया और पेट्रोमैक्स का इंतजाम किया। तब मध्य रात्रि में आडवाणी जी ने गांव में सभा की। इसके बाद उनकी कार को ठीक कराया गया और वह वापस अलीगढ़ के रास्ते दिल्ली चले गए।