न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सादाबाद में शुक्रवार की रात्रि में हुए भीषण हादसे में छह कांवड़ियों की मौत और इस मामले में लापरवाही के चलते निवर्तमान पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य के तबादले के बाद पूरा पुलिस और प्रशासनिक अमला कांवड़ियों के ठहरने से लेकर उनकी सुरक्षा में जुटा रहा। डीएम के साथ नवागत एसपी ने यह व्यवस्थाएं देखीं। कई मार्गों पर बैरियर लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश को रुकवाकर मार्ग परिवर्तित कराया गया। पूरे जिले में कांवड़ियों की सेवा-सुश्रुसा के लिए 60 शिविर लगाए गए हैं। कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए 35 स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। इन व्यवस्थाओं की देखरेख के लिए पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
शुक्रवार की रात्रि में सादाबाद में हुए भीषण हादसे में ग्वालियर के छह कांवड़ियों की मौत हो गई थी। इस घटना की गूंज शासन तक पहुंची थी। यह माना गया था कि कांवड़ यात्रा को लेकर जिले की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। ऐसे में निवर्तमान पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य का तबादला कर दिया गया। उनके स्थान पर देवेश कुमार पांडेय की तैनाती कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले में कांवड़ियों की यात्रा को सुगम बनाने और उनके ठहरने में जिला प्रशासन पूरी तरह से जुट गया है। शनिवार की रात्रि में जहां डीएम ने नगला भुस, रुहेरी, पराग डेयरी,, हनुमान चौकी के पास कांवड़ियों के ठहरने के लिए लगाए गए शिविरों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों/कर्मचारियों की शिविर में ड्यूटी लगाई गई है, वह निर्धारित स्थानों पर उपस्थित रहे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते। यदि कहीं पर किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो उसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें, जिससे समस्या का समय से निदान किया जा सके। वहीं रविवार को भी डीएम ने नवागत एसपी देवेश पांडेय के साथ सिकंदराराऊ से हाथरस शहर होते हुए मथुरा सीमा के अंतर्गत नगला जलाल, अगसौली, बरामई नगला विजन, रति का नगला में की गई व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान डीएम ने कांवड़ियों से वार्ता की। डीएम ने शिविरों के दोनों तरफ 100-100 मीटर तक प्रकाश की व्यवस्था करने और कांवड़ियों के बैठने के लिए कुर्सी व आराम करने के लिए चारपाई और गद्दे डलवाने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि जिले में कुल 60 शिविर लगाए गए हैं। कावड़ यात्रा सुरक्षा एवं यातायात को सुलभ बनाए रखने के दृष्टिगत 35 स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। तीन सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, पांच जोनल मजिस्ट्रेट, 28 सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं इनके साथ 200 से अधिक तहसील स्तरीय अधिकारियों व पुलिस बल को तैनात किया गया है। एसपी ने भी कांवड़ियों की यात्रा को सुगम बनाने और उनकी सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इधर, नगर पालिका प्रशासन ने भी कई शिविर लगाए हैं। कई स्थानों पर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए बैरियर लगाए हैं। नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने भी कांवड़ियों का हाल-चाल पूछा और शिविरों में व्यवस्थाएं देखीं। संवाद