संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बस्तोई हवेली निवासी किशोर के पिता ने अपने बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए एक शिक्षक-शिक्षिका के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। आरोप है कि पुलिस ने तहरीर लेकर घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की बात कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया है।
छात्र नितिन कुमार के पिता कंचन सिंह ने तहरीर में कहा है कि उनका पुत्र नितिन व पुत्री मनीषा 15 फरवरी को एक स्कूल में कक्षा नौ की परीक्षा देने गए थे। इसके बाद शाम करीब साढे़ छह बजे नितिन कुमार ने अपने खेत पर जाकर आत्महत्या कर ली।
16 फरवरी को नितिन के शव का अंतिम संस्कार करने के बाद जब वह घर लौटे तो गांव के काफी लोगों व अन्य बच्चों से पता चला कि नितिन के साथ स्कूल में अध्यापिका और अध्यापक ने मारपीट की और अपमानित करते हुए धमकाया कि अगर उसने घर पर पहुंचकर शिकायत की तो वह स्कूल से निकाल देंगे और कैरियर खराब कर देंगे।
कंचन सिंह ने कहा कि शिक्षक-शिक्षिका ने नितिन को कई कक्षा कक्षों में घुमाकर नितिन से यह कहलवाया कि वह चोर है। कंचन सिंह ने बताया कि शिक्षक-शिक्षिका ने नितिन को अपमानित कर एक कमरे में बिठा दिया। इस दौरान नितिन ने शाम को स्कूल से आने के बाद खेत पर पहुंचकर आत्महत्या कर ली।
कंचन सिंह ने बताया कि वह अपने पुत्र की मौत की वजह से सदमे की हालत में थे, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर सके। कंचन सिंह का आरोप है कि 23 फरवरी को जब उनकी पुत्री मनीषा स्कूल गई तो शिक्षक-शिक्षिका ने उनकी पुत्री को भी प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
उसे धमकी दी गई कि उसके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई करेंगे। पुत्री ने घर आकर इस बारे में उन्हें बताया। कंचन सिंह ने कहा है कि वह अब घटना की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कोतवाली आए हैं। उनकी पुत्री मनीषा की सुरक्षा करते हुए घटना की रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार पीड़ित पिता ने लगाई है।
थानाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह के सामने पीड़ित के परिजन रोने लगे। थानाध्यक्ष ने घटनास्थल को कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र का बताकर रिपोर्ट दर्ज करने में असमर्थता जताई। उनका कहना था कि इस तरह अचानक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट कैसे दर्ज की जा सकती है। मैने उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है।