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हाथरस : एसआईटी जांच में फंसे 41 शिक्षकों को मिलेगा वेतन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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एसआईटी की सूची में शामिल फर्जी बीएड अंकपत्र वाले करीब 71 शिक्षक-शिक्षिकाओं में से 41 शिक्षकों का बर्खास्तगी का आदेश शासन के निर्देश के बाद स्थगित कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन ने बर्खास्तगी आदेश को स्थगित करने के निर्देश बीएसए को दिए हैं। बीएसए ने बुधवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश के बाद बर्खास्तगी आदेश को स्थगित कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं को वेतन का भुगतान करने का आदेश दिया है।
बीएड की फर्जी डिग्री मामले में किए गए थे बर्खास्त
हाथरस। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से फर्जी बीएड डिग्री और अंकपत्र जारी करने की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी की जांच में जिले में 71 शिक्षक-शिक्षिकाओं की बीएड डिग्री अवैध पाई गई थी। इसमें 41 शिक्षकों की बीएड डिग्री फर्जी घोषित की गई, जबकि करीब 30 शिक्षकों की बीएड की डिग्री टेंपर्ड घोषित की गई थी। एसआईटी की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के आदेशानुसार जिले में तैनात 71 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त कर दी गई थी। संवाद
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बिना वेतन के काम करने के दिए थे आदेश
कोर्ट के आदेश पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा डिग्री निरस्त करने तक बिना वेतन के ही काम करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर संदिग्ध डिग्रीधारक करीब 41 शिक्षकों को तत्कालीन बीएसए ने मार्च फरवरी 2021 को बर्खास्त कर दिया था। वहीं 30 टैंपर्ड शिक्षकों को जांच पूरी होने तक बिना वेतन के ही कार्य करने के निर्देश दिए थे। 41 फर्जी बीएड डिग्री धारक शिक्षक सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने जांच पूरी होने तक उन्हें सेवा में रखने और वेतन देने के निर्देश एक जुलाई 2021 को जारी किए थे। मंगलवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार फर्जी डिग्री धारक 41 शिक्षकों का बर्खास्तगी आदेश स्थगित कर उन्हें एक जुलाई 2021 से वेतन देने के निर्देश जारी किए।
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41 शिक्षक-शिक्षिकाओं की बर्खास्तगी आदेश स्थगित कर दिया गया है। शासनादेश के तहत उन्हें वेतन भी जारी किया जाएगा। इसे लेकर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को वेतन भुगतान के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शासन के आदेश का पालन हो सके।
-शाहीन, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस
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