न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। यही वजह है कि सर्दी में उपकरण ओवरलोड होकर जवाब दे रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 40 प्रतिशत व देहात में 60 फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है। इससे विभाग को हर महीने लाखों रुपयेे के राजस्व की चपत लग रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के 198 फीडरों से सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। एक तो पहले से जिले में बिजली चोरी का ग्राफ काफी ऊपर है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी कोटा रोड बिजलीघर और बाकी के फीडरों पर तीस प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। देहात में बिजली चोरी का आंकड़ा 60 प्रतिशत है। इतना सबकुछ होने के बावजूद टीमों द्वारा बिजली चोरी पर अफसरों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
शाम ढलते ही डल जाती हैं कटिया
हाथरस। शहर से देहात तक काफी इलाकों में सूर्यास्त के बाद बिजली के खंभों पर कटिया डालने वालों का जमघट रहता है। फिर सुबह चार से पांच बजे के बीच तारों को कटियाधारक उतार लेते हैं। जब बिजली टीम चेकिंग करने पहुंचती हैं तो कुछ ही घरों तक बिजली चोरी पकड़ में आती है। इस कारण पूरी तरह बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा। बृहस्पतिवार को इस संबंध में अधीनस्थों से वार्ता की जाएगी।
पवन कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता