न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में पंचायत चुनाव में कर्मियों की मौत के डेटा को सभी विभागों ने एकत्रित कर लिया है। इस डेटा के हिसाब से जिले में पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान 15 कर्मियों की मौत हुई है। वहीं पांच अन्य कार्मिकों के दस्तावेजों में एंटीजन व अन्य रिपोर्ट न मिल पाने के कारण स्वास्थ्य विभाग से राय मांगी गई है।
शासन ने पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमित होने से हुई कार्मिकों की मौत पर उनके परिवार वालों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। शासन स्तर से इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। शासन से निर्देश जारी होते ही यहां मुख्य विकास अधिकारी आरबी भास्कर ने सभी विभागों के अधिकारियों को ऐसे कर्मियों का डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
इस क्रम में यहां सीडीओ कार्यालय को विभिन्न विभागों से 20 कर्मियों का डेटा प्राप्त हुआ। इस डेटा के हिसाब से बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। स्क्रीनिंग कमेटी ने सभी विभागों से प्राप्त दस्तावेजों का अवलोकन किया।
शासनादेश में दिए गए बिंदुओं के आधार पर जिले में 15 कार्मिकों की मौत पंचायत चुनाव में कोरोना संक्रमण से होने की पुष्टि हुई है। पांच अन्य कर्मियों के दस्तावेजों में कोरोना संबंधी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इस आधार पर इन कार्मिकों के दवाओं के पर्चे व अन्य दस्तावेज परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए हैं, जिससे इनकी मौत कोरोना से होने पर बने संशय को दूर किया जा सके। डीडीओ अवधेश सिंह यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट आने के बाद ही सभी कार्मिकों का डेटा शासन को भेजा जाएगा, जिससे परिवारी जनों को आर्थिक मदद मिल सके।