न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दहेज की मांग पूरी न होने पर अपनी पत्नी की हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो ने दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मधु देवी पत्नी रामप्रताप सिंह निवासी खिरिया थाना जैथरा जिला एटा ने 27 अक्तूबर 2020 कोतवाली सदर हाथरस में तहरीर दी कि उसकी बेटी शिवानी की शादी राघवेंद्र उर्फ गोल्डी पुत्र बिजेंद्र सिंह निवासी आवास विकास कॉलोनी हाथरस के साथ हुई थी। दहेज में एक लाख रुपये नकद, जंजीर, बाइक, घरेलू सामान दिया था। इसके बाद भी आए दिन ससुरालीजन शिवानी का उत्पीड़न करते थे। साथ ही एक लाख रुपये की मांग करते थे। रुपये न मिलने पर जान से मारने की धमकी देते थे। 27 अक्तूबर 2020 को नामजदों ने शिवानी को मारकर उसे फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर इसका पोस्टमार्टम कराया।
इस मामले में पुलिस ने विवेचना करते हुए मृतका के पति राघवेंद्र उर्फ गोल्डी, सास प्रकाशो देवी, पत्नी बिजेंद्र सिंह व शिखा पत्नी राहुल के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सास प्रकाशो देवी व शिखा को दोषमुक्त करार दिया। आरोपी पति राघवेंद्र को न्यायालय ने दहेज हत्या का दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने की। संवाद