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ओमवती को हरा रामवीर खेमे ने लिया बदला

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मतदान से पहले ओमवती। - फोटो : HATHRAS
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जिला पंचायत के इस कार्यकाल में अध्यक्ष पद के लिए तीसरी बार हुए चुनाव में ओमवती यादव को हराकर रामवीर खेमे ने अपनी पुरानी हार का बदला ले लिया। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के भाई रामेश्वर उपाध्याय को ओमवती यादव ने 22 अगस्त 2017 को ठीक इसी अंदाज में एक वोट से हराया था। तब ओमवती को 13 वोट मिले थे और रामेश्वर को 12।
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बता दें कि जिला पंचायत का इस बार का कार्यकाल काफी उथल-पुथल वाला रहा है। सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव हुआ तो रामवीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने एक वोट से ओमवती यादव को परास्त किया था। इसके बाद विनोद उपाध्याय के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया था और जिला पंचायत की कुर्सी उनसे खिसक गई थी। उसके बाद रामवीर खेमे से रामेश्वर उपाध्याय अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़े। इस चुनाव में ओमवती यादव ने उन्हें एक वोट से मात दे दी। उस वक्त भी 25 सदस्यीय जिला पंचायत में मतों का अंतर 13-12 का रहा।
एक वोट से ही होता रहा है उलटफेर
हाथरस। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में एक वोट से ही उलटफेर होता रहा है। सबसे पहले एक वोट से विनोद उपाध्याय जीते तो उसके बाद एक वोट से ही ओमवती यादव विजयी हुई। अब एक बार फिर से विनोद उपाध्याय भी एक वोट से जीत दर्ज की है।
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माल खाओ काऊ को, वोट देऊ काउ कू
हाथरस। माल खाओ काऊ को, वोट देऊ काउ कू। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पिछली तीन बार से यही नारा चरितार्थ होता नजर आ रहा है। हर बार जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव में कुछ वोटर रहते एक खेमे के साथ हैं, यही खेमा उन्हें दूर-दूर के पिकनिक के टूर कराता है। इनकी हर तरह से सेवा करता है लेकिन ऐन वक्त पर यही वोटर दूसरे खेमे के साथ मिल जाते हैं। इस बार भी क्रास वोटिंग का शिकार दोनों खेमों को होना पड़ा है।
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